स्पर्श ...
Monday, November 19, 2012
चेहरा
दोस्ती
दोस्ती
में चेहरा नहीं देखा जाता
माना मगर
प्रेम
प्रेम
में चेहरा आ ही जाता
कहीं-न-कहीं
कभी-न-कभी
अहमियत चेहरे की नज़र अंदाज़ कर सकते नहीं
बेजान भी जो सुन्दर हो कहीं
बस प्यार आने लगता वहीं
दोस्त तुम्हें होता
नहीं
यकीं
बता
क्यों ताजमहल लगता हसीं
.
---- विभूति कुमार ..19-11-12.
.
Sunday, August 26, 2012
हमनाम
आँखों का तरस मिटा दूँ
ऐसी क़िस्मत लेकर मैं आया नहीं
देखा कई बार लकीरों को क़रीब से
पर
कानों की बेचैनी
मुझसे देखी नहीं गई
मैंने तेरे
'
हमनाम
'
से
आज दोस्ती कर ली .
.........विभूति कुमार
26-08-12
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