Friday, January 16, 2015

हमनाम

आँखों का तरस मिटा दूँ
ऐसी क़िस्मत लेकर मैं आया नहीं
देखा कई बार लकीरों को क़रीब से





पर
कानों की बेचैनी

मुझसे देखी नहीं गई
मैंने तेरे 'हमनाम' से
आज दोस्ती कर ली.


posted on fb on  13.03.2013

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