Friday, January 16, 2015

फागुन




 
 
==== फागुन ====
ऋतुओं का है देश ये
भिन्न-भिन्न रुतों में
मीठी-सी अगन होती है
तीखी-सी जलन होती है
मगर
नहीं बौराता
कभी भी
कोई भी
किसी ऋतु में

जाने क्यों
चाहे तन हो
चाहे मन हो
या मस्त पवन हो
बौराये-बौराये-से लगते
जब फागुन का आगमन हो


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posted on fb on   27.03.2013

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